मजदूर संगठनों ने सरकार के खिलाफ खोला मोर्चा

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-डाकघर से डीएम कार्यालय तक निकाला जुलूस, श्रमिक हितों की अनदेखी का आरोप

गोपेश्वर (चमोली)। श्रमिक हितों और विभिन्न मांगों को लेकर सीटू और किसान सभा के बैनर तले विभिन्न मजदूर संगठनों ने सोमवार को सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। डाकघर गोपेश्वर से जिलाधिकारी कार्यालय तक जुलूस निकालकर प्रदर्शन किया गया। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा की मांग उठाई। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार कर बाद में छोड़ दिया।

जुलूस में विभिन्न मजदूर संगठनों से जुड़े श्रमिकों और कर्मचारियों के साथ आशा एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भी प्रतिभाग किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से लागू किए जा रहे नए कानूनों और नीतियों से श्रमिकों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने श्रमिक हितों की अनदेखी बंद करने और उनके अधिकारों को सुरक्षित रखने की मांग की।

किसान सभा प्रदेश सचिव भोपाल सिंह रावत ने कहा कि श्रमिक देश की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, लेकिन लगातार उनके हितों की अनदेखी की जा रही है। सरकार को श्रमिकों के अधिकारों की रक्षा के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने न्यूनतम वेतन, सामाजिक सुरक्षा और श्रमिकों के लिए बेहतर कार्य परिस्थितियां सुनिश्चित करने की मांग की। प्रदर्शन में शामिल आशा और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने भी अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आवाज उठाई। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन, पोषण कार्यक्रमों समेत विभिन्न जिम्मेदारियों का निर्वहन करने के बावजूद उन्हें कार्य के अनुरूप सम्मानजनक मानदेय नहीं मिल रहा है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने न्यूनतम वेतनमान लागू करने और कार्य के अनुरूप सम्मानजनक भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की। आशा कार्यकर्ताओं ने भी अपनी समस्याओं के समाधान की मांग सरकार के समक्ष रखी। जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया। इसके बाद उन्हें वाहन में बैठा कर पुलिस मैदान लाया गया। जहां कुछ समय बाद उन्हें छोड़ दिया गया।  प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार हुए आंदोलनकारियों में भूपाल सिंह रावत, गीता बिष्ट, नितिन मलेठा, राजेंद्र सिंह नेगी, बस्ती लाल, गजेंद्र सिंह, कमलेश गौड़, मनमोहन रौतेला, देवेंद्र खनेडा, नंदन कठैत आदि शामिल थे।

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