स्वास्थ्य विभाग द्वारा कांवड़ियों के लिए 32 स्थानों पर स्वास्थ्य शिविर, 11वें दिन 31,739 शिवभक्तों का निशुल्क उपचार

by
  • अब तक 1.93 लाख से अधिक कांवड़ यात्रियों को मिली चिकित्सा सुविधा, पहली बार पांच मेडिकल मोबाइल यूनिट भी तैनात

हरिद्वार : पवित्र कांवड़ यात्रा में आने वाले शिवभक्तों के स्वास्थ्य को लेकर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पूरी तरह मुस्तैद है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित के निर्देशन में स्वास्थ्य विभाग ने कांवड़ पटरी मार्ग सहित जनपद में 32 स्थानों पर स्वास्थ्य शिविर स्थापित किए हैं। इन शिविरों में स्वास्थ्य खराब होने अथवा चोट लगने की स्थिति में शिवभक्तों को तत्काल निशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। कांवड़ यात्रा के 11वें दिन विभिन्न स्वास्थ्य शिविरों में 31,739 शिवभक्तों का निशुल्क उपचार किया गया। अब तक कुल 1 लाख 93 हजार 374 कांवड़ यात्रियों को चिकित्सा सुविधा दी जा चुकी है।

पहली बार पांच मेडिकल मोबाइल यूनिट भी तैनात

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.के. सिंह ने बताया कि कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को बेहतर एवं त्वरित चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 32 स्थानों पर स्वास्थ्य शिविर संचालित किए जा रहे हैं। इसके साथ ही इस वर्ष पहली बार पांच मेडिकल मोबाइल यूनिट भी कांवड़ यात्रा में शामिल की गई हैं। इन मोबाइल यूनिट के माध्यम से जरूरत वाले स्थानों पर पहुंचकर शिवभक्तों को चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।

पानी पीते रहें, समय-समय पर करें विश्राम

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.के. सिंह ने कांवड़ यात्रियों से अपील की कि यात्रा के दौरान पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और समय-समय पर विश्राम अवश्य करें। उन्होंने कहा कि किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य समस्या होने पर उसे नजरअंदाज न करें और निकटतम स्वास्थ्य शिविर में पहुंचकर चिकित्सकीय परामर्श एवं उपचार प्राप्त करें।

श्रद्धालुओं की सेहत पर लगातार नजर

जनपद प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की ओर से कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम एवं बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य किया जा रहा है। स्वास्थ्य शिविरों में आने वाले शिवभक्तों को तत्काल चिकित्सा सुविधा देने के साथ गंभीर स्थिति में आवश्यकतानुसार आगे की चिकित्सा व्यवस्था भी सुनिश्चित की जा रही है।

प्रशासन का उद्देश्य कांवड़ यात्रा के दौरान किसी भी शिवभक्त को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी में तत्काल सहायता उपलब्ध कराना है, ताकि श्रद्धालु सुरक्षित एवं स्वस्थ वातावरण में अपनी यात्रा पूरी कर सकें।

Related Posts